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Archive for October, 2008

सचिन- सौरव: पुरानी शराब, बेहतरीन नशा!!

October 18th, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in चर्चित चेहरे

मोहाली टेस्ट के पहले और दूसरे दिन जो स्टेडियम में खेल देखने के लिए मौजूद थे, वे क्रिकेट की दुनिया में सबसे भाग्यशाली लोगों में से थे। भारतीय क्रिकेट के दो अभूतपूर्व बल्लेबाज, सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली अपनी जिंदगी भर की प्रतिष्ठा बचाने के लिए मैदान पर उतरे थे। और न सिर्फ दोनों ने अपनी प्रतिष्ठा बचाई, बल्कि उसमें चार चांद और लगा दिए।

बात सिर्फ रन या रेकॉर्ड बनाने की नहीं है। बात है उस दबाव, अपमान और तनाव की आग में तप कर सोने की तरह खरा उतरने की है जिसमें सचिन और सौरव पिछले करीब एक साल से जलाए जा रहे थे।

न सिर्फ बीसीसीआई और नए खिलाड़ियों द्वारा अपमानित किए गए, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया जिस तरह सीनियर खिलाड़ियों के पीछे पड़ा हुआ था उसे झेल पाना किसी फौलादी जिगर वाले के लिए भी कम नहीं था।

यह अपमान इतना अधिक बढ़ गया था कि सौरव ने संन्यास लेने की घोषणा कर दी, कुम्बले ने अखबार के अपने कॉलम में लिखा कि मीडिया में अपनी आलोचना देख कर उन्हें लगता है जैसे वे ऑस्ट्रेलिया में आ गए हैं। यही नहीं, अक्सर चुप रह जाने वाले सचिन तेंदुलकर तक इस बार खामोश नहीं रह पाए और लारा का रेकॉर्ड तोड़ने के बाद पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने भी कहा कि “मुझसे यह बोलने का हक किसी को नहीं हैं कि अब तुम खेलना बंद कर दो।”

रेकॉर्ड पुस्तिकाओं में लिखा जाएगा कि सचिन ने इस मैच की पहली पारी में 88 रन बनाए, उस दौरान टेस्ट मैचों में सर्वाधिक रन बनाने का ब्रायन लारा का रेकॉर्ड तोड़ा, टेस्ट मैचों में 12,000 रनों की संख्या पार की- लेकिन उनमें सचिन की इस पारे के दौरान मारे गए शॉट्स की खूबसूरती दर्ज नहीं हो पाएगी, स्टेडियम में बैठे और टीवी पर सचिन की पारी का एक- एक रन गिनते, दिल थाम कर बैठे लाखों लोगों की खुशी का बयान नहीं लिखा जा सकेगा जो सचिन द्वारा लारा का रेकॉर्ड तोड़ने वाला रन बनाते ही ऎसे खुशी से उछल पड़े थे जैसे उनके ही किसी करीबी ने वह रेकॉर्ड बनाया हो।

रेकॉर्ड पुस्तिकाएं यह भी बताएंगी कि मैच के दूसरे दिन सौरव गांगुली ने भी अपना शतक पूरा किया, लेकिन उनमें यह कहां से लिखा जा सकेगा कि शतक पूरा करते ही गांगुली के चेहरे पर जो मुस्कान फैली थी वह बेशकीमती हीरों में भी नहीं तौली जा सकती, कि उनके 100 वां रन लेते ही टीवी के सामने बैठे दर्शक भी कैसे गांगुली के सम्मान में ताली बजा उठे थे।

और हां, उससे पहले जब गांगुली ने अपना अर्धशतक पूरा किया था तब हवा में उनका मुक्का लहराना और जवाब में ड्रेसिंग रूम से हरभजन का पहलवानों की तरह बांहों की मांसपेशियां फुला कर दिखाना भी तो इन रेकॉर्ड पुस्तिकाओं में दर्ज नहीं हो पाएगा।

वह तो दर्ज है उन लाखों दर्शकों के दिलों में जो सचिन और सौरव के अपमान से तिलमिलाए बैठे है और रास्ता देख रहे थे कि देश को गौरव की नयी ऊंचाइयां दिलाने वाले इन खिलाड़ियों का बल्ला कब बोलेगा।

मोहाली में दोनों का बल्ला बोला और क्या खूब बोला, कि बीसीसीआई से लेकर, वरिष्ठ खिलाड़ियों को “बूढ़ों की सेना” कहने वाले मीडिया के मुंह पर गोदरेज का ताला पड़ गया।

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धोनी बने मोहाली टेस्ट में कप्तान

October 17th, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in मैच खबरें

बीसीसीआई (और धोनी) के मन की मुराद पूरी हुई, कुम्बले को लगी चोट, वे हुए टेस्ट टीम से बाहर और धोनी बन गए मोहाली टेस्ट के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान।

आज से मोहाली में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा टेस्ट शुरू हुआ है। भारत ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी संभाली है। मैच शुरू होने के पहले खबरें थीं कि मोहाली की पिच तेज गेंदबाजों की मदद करेगी। लेकिन भारतीय पारी की शुरूआत देख कर तो ऎसा नहीं लगता। गंभीर और सेहवाग ने आरंभिक ओवरों में 6 के औसत से रन बनाए हैं।

अगर इस गति से रन बनेंगे तो टेस्ट का कुछ न कुछ नतीजा निकलने की आशा रखी जा सकती है।

हम तो यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि मोहाली टेस्ट में “भारत के कप्तान” कितने रन बनाते हैं:) पहले टेस्ट में तो धोनी ने 9 रन बनाए थे। उससे भी ज्यादा दिलचस्प था उनके आउट होने का तरीका- बिना पैर हिलाए, अपनी जगह पर खड़े- खड़े शॉट खेलने की कोशिश की थी और बोल्ड हो गए थे।

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वेंगसरकर भड़के गांगुली पर

October 10th, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in विवाद

भारत और ऑस्ट्रेलिया की श्रृंखला हो , और लड़ाई-झगड़े तथा विवाद न हो, यह तो हो ही नहीं सकता। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार विवाद ऑस्ट्रेलिया के साथ नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट के अंदर ही हो रहा है।

पहले दादा गांगुली ने चयनकर्ताओं पर आरोप लगाया कि वे उनके साथ अन्याय करते रहे, इसलिए दादा को संन्यास लेना पड़ा। अब चयनसमिति के पूर्व अध्यक्ष वेंगसरकर ने तिलमिलाकर बयान दिया है कि वे सौरव की बातों का जवाब जरूर देंगे, बस जरा श्रृंखला खत्म हो जाए।

बौखलाए हुए वेंगसरकर ने यह भी कहा कि बीसीसीआई को इस तरह की बयानबाजी (सौरव की) के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

गुस्साए वेंगसरकर ने कहा कि न सिर्फ सौरव की बातों का वे जवाब देंगे, बल्कि सौरव ने जितना कहा है, उससे ज्यादा ही जवाब देंगे।

अभी तो श्रृंखला शुरू हुए दो ही दिन हुए हैं, अभी से इतना झगड़ा बढ़ गया है तो श्रृंखला खत्म होने तक भगवान जाने क्या होगा।

और हां, बयानबाजी में सबसे आगे रहने वाले धोनी ने अभी तक दादा के “हेयरस्टाइल” वाले बयान पर मुंह नहीं खोला है। ( गांगुली ने कहा था, टीम में कुछ ऎसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने जितने नहीं बनाए, उतनी बार हेयरस्टाइल बदली है)।

धोनी तो वैसे भी बड़बोलेपन में सबसे आगे हैं, अगर उन्होंने मुंह खोल दिया तो शायद इतना झगड़ा हो जाएगा कि श्रृंखला रद्द कर पोंटिंग की टीम को घर भेजना पड़ेगा कि भैया तुम जाओ, यहां शाहरुख- सलमान स्टाइल का घरेलू मैच हो रहा है।

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बेंगलुरू टेस्ट: ऑस्ट्रेलिया के 430 रन

October 10th, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in मैच खबरें

बेंगलुरू में भारत- ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्तमान श्रृंखला के पहले टेस्ट में, ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में कुल 430 रन बनाए हैं।

अब बारी है भारतीय बल्लेबाजों की।

देखना दिलचस्प होगा कि इतने बड़े स्कोर के सामने, भारतीय क्रिकेट के एक बेहद तनावयुक्त दौर से गुजर रहे भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी किस तरह का खेल दिखाते हैं

भारतीय टीम की ओर से बल्लेबाजी की शुरूआत गौतम गंभीर और विरेन्दर सेहवाग करेंगे।

दिल थाम कर बैठिए और देखिए होता है क्या।

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दादा ने धोनी, युवराज पर निशाना साधा

October 9th, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in विवाद

लगता है सौरव गांगुली उतनी आसानी से अपने “दुश्मनों” का पीछा नहीं छोड़ेंगे, जिताना सोचा जा रहा था। धीरे-धीरे अखबारों में गांगुली पर्दे के पीछे चल रही उन तिकड़मों का राज खोलते जा रहे हैं जो उन्हें भारतीय क्रिकेट से बाहर करने के लिए लगातार की जा रही थीं।

ताज़ा खबर यह है कि गांगुली ने एक बांग्ला अखबार को दिए इंटरव्यू में संकेत दिए हैं कि धोनी द्वारा किए जा रहे लगातार अपमान से उनके लिए टीम में खेलते रहना कितना मुश्किल होता जा रहा था। धोनी और युवराज की जोड़ी और उनके कम रन बनाने के बावजूद बीसीसीआई द्वारा सिर चढ़ाए जाने की ओर इशारा करते हुए सौरव ने व्यंग्य किया कि कई खिलाड़ी लगातार कमजोर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन निशाना सिर्फ उन्हें ही ( सौरव को) बनाया जाता रहा है।

गांगुली ने इस इंटरव्यू में धोनी और युवराज की ओर इशारा करते हुए कहा है कि टीम में कुछ खिलाड़ी ऎसे हैं जिन्होंने उतने रन नहीं बनाए जितने बार “हेयरस्टाइल” बदली है, कुछ ऎसे खिलाड़ी हैं जो लगातार कई सीरीज में खराब खेलते आए हैं, फिर भी टीम में बने रहते हैं, फिर भी उन पर कोई निशाना नहीं साधता।

लगे रहो दादा, बोर्ड की शह पर भारतीय टीम पर जिन टुच्चों का राज चल रहा है उसकी पोल खोलने की हिम्मत सिर्फ आपमें हैं।

बाल रंगने, कटाने और फिल्मी हीरोइनों के साथ चर्चा में रहने से गुब्बारे की तरह फूले घूमने और क्रिकेट खेलने के नाम पर थक जाने वाले इन तिकड़मी खिलाड़ियों की औकात नहीं भारतीय कप्तान की उस गद्दी पर बैठने की जिसे कभी टाइगर पटौदी, कपिल देव, सौरव गांगुली और अनिल कुम्बले जैसे स्वाभिमानी कप्तानों ने संभाला और जिस पर बैठ कर देश का नाम रोशन किया था।

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गांगुली ने एक तीर से किए कई शिकार

October 8th, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in चर्चित चेहरे

तो सौरव गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया के साथ वर्तमान श्रृंखला के बाद संन्यास लेने की घोषणा कर दी।

और इस एक तीर से गांगुली ने अपने कई “सिरदर्दों” का शिकार सफाई से कर लिया।

1.उनका सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ था “ईडियट बॉक्स” याने टीवी चैनलों के उतने ही जाहिल पत्रकार जो दिन रात सिर्फ इसी चर्चा में लगे हुए थे कि गांगुली को बोर्ड कैसे निकालने वाला है, कब निकालने वाला है, क्यों निकालने वाला है वगैरह।

गांगुली के टीम से निकाले जाने की घंटों चर्चा के अलावा इनके पास और कोई काम नहीं था। लेकिन जिस दिन से सौरव गांगुली ने रिटायरमेंट का ऎलान कर दिया, उस दिन से ये बुद्धू बक्से की फौज उन्हें छोड़ कर बाकी वरिष्ठ खिलाड़ियों के पीछे पड़ गई। सौरव का सिर्फ गुणगान दिखाया जाने लगा। यानी सौरव के सिर से 24 घंटे चलने वाली “ब्रेकिंग न्यूज” का सिरदर्द खत्म हो गया, तनाव खत्म।

2.क्रिकेट चयनकर्ताओं ने उन्हें सिर्फ पहले दो टेस्ट के लिए टीम में लिया था, वह भी 15 सदस्यीय दल में। यह तय भी नहीं था कि टेस्ट खेलने उतरने वाले अंतिम 11 खिलाड़ियों में सौरव को जगह मिलती।

क्रिकेट बोर्ड के आका जिस तरह सौरव को लगातार अपमानित करने पर तुले हुए थे, उसे देखते हुए आश्चर्य की बात नहीं होती अगर सौरव को टेस्ट में 12 वां खिलाड़ी ही बना दिया जाता।

इसीलिए संन्यास लेने की घोषणा करते समय सौरव ने बड़ी चतुराई से अपने शब्दों का चयन किया। उन्होंने कहा “ ये चार टेस्ट मेरे करियर के आखिरी टेस्ट होंगे।”

संन्यास लेने की घोषणा के बाद सौरव के पक्ष में जिस तरह देश- विदेश में सहानुभूति की लहर चल पड़ी है, उसे देखते हुए अब चयनकर्ताओं या बीसीसीआई के अन्य आकाओं की हिम्मत नहीं होगी कि सौरव को इन चार टेस्ट मैचों से बाहर रखें। सौरव अब चाहे रन बनाएं या न बनाएं, उन्हें इन चार मैचों में खिलाना क्रिकेट बोर्ड की मजबूरी बन गई है। यानी बोर्ड से दो की जगह चार मैच झपट लिए सौरव ने। “ दादा” के सिवा दिमागी शतरंज में बीसीसीआई को ऎसी मात भला और कौन खिलाड़ी दे सकता था?

3.इन सारे दिमागी तनावों से मुक्त होंगे, तो सौरव के सामने मौका है बढ़िया खेल दिखा पाने का। अगर सफल हो गए तो संन्यास छोड़ कर खेलना जारी रख सकते हैं। अगर नहीं हुए तो भी बोर्ड के हाथ बेइज्जती नहीं होगी और वे अपनी शान के साथ रिटायर हो सकेंगे।

4.ऑस्ट्रेलिया के सामने खेलना आसान नहीं होता, चाहे अपने देश में हो या उअंके। जिन “युवा” खिलाड़ियों के दम पर वरिष्ठ खिलाड़ियों को निकालने की बात हो रही है, उनमें से अधिकांश अब तक के अभ्यास मैचों या ईरानी ट्रॉफी मैचों में अधिक सफल नहीं रहे हैं। खुद धोनी का फॉर्म ढीला- ढाला चल रहा है।

ऑस्ट्रेलियाई टीम दिमागी खेल खेलने में माहिर है। उनके सामने सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक चतुराई भी जरूरी होती है सफलता के लिए। यह चतुराई अनुभव के कारण वरिष्ठ खिलाड़ियों में है। इस ऑस्ट्रेलियाई अग्नि परीक्षा में युवा ब्रिगेड सफल हो सकेगी, यह जरूरी नहीं। अगर उसे सफलता नहीं मिली तो वरिष्ठ खिलाड़ियों के सिर पर लटकी तलवार कुछ समय के लिए हट सकती है।

ये सारे दांव गांगुली ने अपनी संन्यास की चाल में छिपा रखे हैं। दिमागी खेल खेलने में उन्हें कितनी महारत हासिल है, यह बीसीसीआई से ज्यादा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जानते हैं। पूछिए रिकी पोंटिंग से जिन्हें कभी टॉस के लिए मैदान पर 20 मिनट इंतजार करवा कर भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने औकात बताई थी।

इसी दिमाग के बल पर तो सौरव ने ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान को उन्हीं की धरती पर हराया था। बीसीसीआई उनके हाथ से बल्ला छीन सकती है, उनके दिमाग की धार कुंद नहीं कर सकती।

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सौरव गांगुली ने संन्यास लेने की घोषणा की

October 7th, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in चर्चित चेहरे

भारतीय क्रिकेट के एक और बेहतरीन कप्तान और खिलाड़ी को बीसीसीआई के दबाव के आगे झुकना पड़ा।

पिछले साल के “सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर” चुने जाने वाले सौरव गांगुली ने लगातार टीम से बाहर रखे के दबाव के आगे आखिर आज क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर ही दी।

सौरव ने बेंगलुरू की एक पत्रकार वार्ता में कहा कि ऑस्ट्रेलिया के साथ 9 अक्टूबर से आरंभ हो रही टेस्ट श्रृंखला उनके करियर की आखिरी श्रृंखला होगी, इसके बाद वे क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे।

धोनी के कलेजे को बड़ी ठंडक मिली होगी। सचिन कप्तान बनना नहीं चाहते, कुम्बले और द्रविड को अब टीम से निकालना बोर्ड के लिए जरा भी मुश्किल नहीं होगा।

बधाई धोनी, अब तुम्हारे लिए मैदान खाली है।

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सौरव गांगुली, टेस्ट टीम में स्वागत है

October 1st, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in चर्चित चेहरे

आखिरकार सौरव गांगुली को भारतीय टेस्ट टीम में शामिल कर ही लिया गया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 अक्टूबर से आरंभ हो रही टेस्ट श्रृंखला के पहले दो टेस्ट मैचों के लिए आज भारतीय क्रिकेट टीम की घोषणा की गई जिसमें सौरव गांगुली का नाम भी शामिल है।

एक मुश्किल है, आज जो टीम घोषित की गई है, वह 15 खिलाड़ियों की है। इनमें से सिर्फ 11 ही मैदान पर उतरेंगे टेस्ट मैच में। क्या सौरव गांगुली उनमें से एक होंगे?

भारतीय क्रिकेट बोर्ड के वर्तमान आकाओं पर हमें एक रत्ती यकीन नहीं है, इसलिए 9 तारीख तक हम यकीन नहीं करने वाले कि गांगुली को टेस्ट मैच में वाकई खेलने का मौका मिलेगा। जिस दिन अंतिम 11 खिलड़ियों की घोषणा होगी, तब तक गांगुली के प्रशंसकों को दिल थाम कर बैठना होगा।

बड़ी चर्चा हो रही है कि बोर्ड ने गांगुली से सौदा किया है कि टेस्ट टीम में तभी आओगे जब ऑस्ट्रेलिया के साथ श्रृंखला के बाद संन्यास लेने की घोषणा करोगे।

अगर कोई एक क्षण के लिए भी विश्वास करता है कि सौरव ऎसी किसी “ब्लैकमेलिंग” के आगे सिर झुकाएंगे तो शायद उसे गांगुली के खेल जीवन के बारे में ज्यादा नहीं मालूम।

जो शख्स ग्रेग चैपल जैसे कुटिल, षड्यंत्रकारी कोच और उसका समर्थन कर रही बीसीसीआई की संयुक्त ताकत के आगे नहीं झुका, उसे झुकाने की ताकत आज के क्रिकेट आका नहीं रखते।

इसीलिए, जब चयन के बाद गांगुली से टीवी पत्रकारों ने पूछा कि क्या उन्होंने बोर्ड के साथ संन्यास लेने की कोई “डील” की है तो सौरव ने थोड़ी नाराजगी से कहा कि यह सब झूठ है।

तो इंतजार कीजिए 9 अक्टूबर से शुरू होने वाले पहले मैच का।

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