श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने आईसीएल को मान्यता दी
September 19th, 2008 by Administrator | 1 Comment | Filed in मैदान से बाहरबीसीसीआई और (उसके दबाव के कारण अन्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड) जिस तरह से “आई सी एल” के पीछे पड़े थे, उसमें खेलने वाले खिलाड़ियों का करियर बर्बाद करने के लिए हर सीमा लांघ रहे थे, उसके खिलाफ श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने साहसिक कदम उठाया है।
वहां के क्रिकेट बोर्ड ने आईसीएल से अनुबंध करने वाले अपने पांच खिलाड़ियों और एक अंपायर से प्रतिबंध हटाने, और उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलने देने का फैसला किया है।
यह, एक तरह से आईसीएल को मान्यता देने जैसा है।
अंतराष्ट्रीय क्रिकेट और क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए यह बेहद लोकतांत्रिक और लाभकारी फैसला है। बीसीसीआई ( भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) जिस तरह अपनी आईपीएल के हितों की रक्षा के लिए आईसीएल को “विद्रोही” लीग मनवाने पर तुला हुआ था वह शुद्ध तानाशाही रवैया था।
दूसरी ओर, हर खिलाड़ी को आईपीएल में स्थान नहीं मिल सकता, तो ऎसे में जो खिलाड़ी उसके जैसी किसी अन्य क्रिकेट लीग में खेलना चाहें, उन्हें क्यों देश की ओर से खेलने से रोका जाए?
अब, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने हिम्मत दिखाई है बीसीसीआई के खिलाफ जाकर अपने खिलाड़ियों के हित में फैसला लेने की। यह देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई के दबाव में आकर, आईसीएल को मान्यता नहीं देने वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड (आईसीसी) इस बारे में क्या करेगा?
बहरहाल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को श्रीलंका से सबक सीखना चाहिए और आईसीएल में शामिल होने वाले अपने खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उसने अपने 13 खिलाड़ियों पर आईसीएल में शामिल होने के कारण दस साल तक प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर रखी है।
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