Home     Wordpress     Codex

Posts Tagged ‘श्रीलंका’

सचिन दौरा छोड़ कर लौटे

February 9th, 2009 by Administrator | No Comments | Filed in मैदान से बाहर

श्रीलंका में खेल रही भारतीय क्रिकेट टीम का साथ छोड़ कर सचिन तेंदुलकर कल रात देश वापस लौट आए हैं। भारतीय टीम को अभी कल (10 जनवरी) को श्रीलंका के साथ 20-20 मैच खेलना है।

अब सचिन की वापसी को लेकर भले ही टीम प्रबंधन यह दलील दे कि 20-20 मैच में सचिन नहीं खेलने वाले थे इसलिए वे वापस लौट आए, लेकिन सचिन को करीब से जानने वाले अच्छी तरह जानते हैं कि सचिन कभी भी, किसी भी हालत में दौरे के बीच से टीम को छोड़ कर नहीं लौटते हैं। भले ही वे टीम में रहें या न रहें। आज तक अगर सचिन ने कोई दौरा बीच में छोड़ा है तो वह सिर्फ चोट की वजह से या किसी गंभीर परिस्थिति में- जैसे कि जब उनके पिता का निधन हुआ था।

सचिन को आखिरी दो एकदिवसीय मैचों में “नए खिलाड़ियों को मौका देने” के नाम पर टीम से बाहर रखा गया था। शुरू के तीन मैचों में सचिन खराब अंपायरिंग का निशाना बने थे। कुल मिला कर सचिन के लिए यह श्रृंखला खेलने जाना- न जाना बराबर ही रहा।

फिर धोनी ने कहा, सचिन को वे आराम देना चाहते थे। यह बात तो सभी क्रिकेट प्रेमी जानते हैं कि “ज्यादा क्रिकेट खेलने से थकान” किसको होती है। कम से कम सचिन ने तो आज तक कभी नहीं कहा कि वे क्रिकेट खेलने से कभी थके हों।

लगता तो यही है कि धोनी अब टीम के आखिरी वरिष्ठ खिलाड़ी से छुटकारा पाने की फिराक में हैं और इसके लिए वे किसी भी बहाने की शरण लेने में नहीं चूक रहे।

जब उनके अपने मित्रों को टीम में जबरदस्ती लादने की बात आती है तो धोनी तलवार ले कर खड़े हो जाते हैं। युवराज सिंह फॉर्म में नहीं थे लेकिन उन्हें टीम में हर बार लिया जाता था और पत्रकारों द्वारा इस पर सवाल उठाए जाने पर धोनी ने सार्वजनिक रूप से भन्ना कर कहा था, मैं जब तक चाहूंगा तब तक युवराज हमेशा टीम में रहेंगे। फिर इरफान पठान के बदले फॉर्म से बाहर चल रहे आर पी सिंह को टीम में लेने की जिद में उन्होंने इस्तीफे की धमकी तक दे डाली।

लेकिन सचिन जैसे खिलाड़ी को “आराम” करवाने के नाम पर धोनी टीम से बाहर कर देते हैं।

जोड़िएbookmark bookmark bookmark bookmark bookmark bookmark bookmark

Share This Post

Tags: , , , , ,

सचिन को टीम से बाहर क्यों रख रहे हैं धोनी?

February 8th, 2009 by Administrator | No Comments | Filed in मैदान से बाहर

भारतीय क्रिकेट के सफलतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को श्रीलंका में खेलने क्यों नहीं दिया जा रहा है? क्या कप्तान धोनी टीम में बचे इस एकमात्र वरिष्ठ खिलाड़ी की उपस्थिति बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं?

श्रीलंका के साथ पहले तीन एकदिवसीय मैचों में सचिन खराब अंपायरिंग के शिकार हुए और अंपायरों के सरासर पक्षपाती निर्णयों के कारण तीनों पारियों में दस रन के अंदर ही आउट होते गए। उसके बाद चौथे और पांचवे मैचों में उन्हें कप्तान धोनी ने यह कह कर टीम से बाहर कर दिया कि वे नए खिलाड़ियों को मौका देना चाह्ते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि “नए खिलाड़ियों को मौका” देने के नाम पर पुराने बल्लेबाजों में से सिर्फ सचिन को टीम से निकाला गया है, धोनी खुद, उनके मित्र युवराज सिंह, सेहवाग, गंभीर- हर कोई टीम में है।

धोनी खुद को बल्लेबाजी क्रम में प्रोन्नत कर लेते हैं और सुरेश रैना और रोहित शर्मा जैसे बल्लेबाजों को बल्लेबाजे क्र्म में खुद से नीचे कर देते हैं।

धोनी के ईर्ष्यालु और छोटेपन का कोई सबूत बाकी रह गया हो तो सचिन को टीम से बाहर बैठा कर उन्होंने अपने ओछेपन का आसमान छूता सबूत दे दिया है।

धोनी के “नीच” स्वभाव का यह पहलू तब तक छिपा रहेगा जब तक टीम जीत रही है, लेकिन धोनी नाम का यह शख्स भारतीय टीम के लिए उतना ही विनाशकारी बन रहा है जितना कभी ग्रेग चैपल थे।

जोड़िएbookmark bookmark bookmark bookmark bookmark bookmark bookmark

Share This Post

Tags: , , , , , , ,

लक्ष्मीपति बालाजी की वापसी

February 3rd, 2009 by Administrator | No Comments | Filed in चर्चित चेहरे

उस शोएब अख्तर सदमे में बैठे रहे। खाना खाने गए साथियों के साथ तो भी उनके मुंह से बोल नहीं फूट रहा था। खेल के मैदान पर इतनी बड़ी बेइज्जती उनकी पहले कभी नहीं हुई थी.. एक नौसिखिया, दसवें नम्बर पर खेलने आए बल्लेबाज ने उनकी गेंद पर छक्का मार दिया? ये कैसे हुआ.. महान शोएब अख्तर की गेंद पर छक्का मार दिया!

बात है 2004 की, जब सौरव गांगुली के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान में एकदिवसीय श्रृंखला खेल रही थी। टीम के पाकिस्तान रवाना होने के पूर्व भारत के दो नए और युवा तेज गेंदबाज चर्चा का विषय बने हुए थे। इरफान पठान और लकक्ष्मीपति बालाजी। तब पाकिस्तानी टीम के कोच जावेद मियांदाद ने अपना मशहूर बयान दिया था- “ऎसे इरफान पठान तो हमारे यहां गली- गली में होते हैं।“ और उसके बाद पठान ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों की ऎसी हवा बिगाड़ी थी कि मियांदाद मुंह छिपाए घूमते थे। भारत ने वह श्रृंखला 3-2 से जीती थी।

उसी श्रृंखला में लाहौर में खेले गए आखिरी एकदिवसीय मैच में बालाजी ने शोएब अख्तर की गेंद को उठा कर मारा और छक्के के लिए सीमारेखा से बाहर भेज दिया था। तब तक शोएब अख्तर की गेंदों का ऎसा हौव्वा बना हुआ था जैसे कि भारत के बड़े बल्लेबाज भी उन्हें खेलना मुश्किल पाते थे। उसे शोएब की तेज गेंद पर, आखिरी बल्लेबाज के रूप में खेलने आए बालाजी जब छक्का मारा तो पूरा स्टेडियम स्तब्ध रह गया था। शोएब तो अगले दिन तक सदमे में थे।

बालाजी के उस “महान शॉट” पर तमिल में एक गीत भी रचा गया :

देखिए बालाजी के उस जबरदस्त छक्के का वीडियो यहां:

दिलचस्प बात यह है कि अपने हमेशा बिखरती शर्मीली मुस्कान और लंबे बालों के कारण बालाजी उस श्रृंखला में पाकिस्तानी लड़कियों के बीच बड़ॆ लोकप्रिय हो गए थे।

लेकिन उसके बाद चोट लगने के कारण 2005 में बालाजी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर हो गए।

अब, श्रीलंका में खेली जा रही एकदिवसीय श्रृंखला में उन्हें घायल मुनाफ पटेल की जगह फिर टीम में स्थान मिला है। संयोग की बात है कि 2005 में श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए ही चोट लगने के कारण बालाजी टीम से बाहर हुए थे।

देखें, आज कोलम्बो में श्रीलंका के खिलाफ होने वाले तीसरे एकदिवसीय मैच में बालाजी खेलने उतरते हैं क्या।

जोड़िएbookmark bookmark bookmark bookmark bookmark bookmark bookmark

Share This Post

Tags: , , , , , , , , ,

p-6fQscE0emHk9A.