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Posts Tagged ‘Sourav Ganguly’

सौरव गांगुली: क्रिकेट का चाणक्य

April 2nd, 2010 by Administrator | No Comments | Filed in चर्चित चेहरे

कल, गुरुवार रात आईपीएल-3 का 30वां मैच कोलकाता नाइट राइडर्स और डेक्कन चार्जर्स के बीच खेला गया। आंकड़े बताते हैं कि मैच कोलकाता की टीम ने जीता और उसके कप्तान सौरव गांगुली ने 88 रनों की शानदार पारी की बदौलत “मैन ऑफ द मैच” का खिताब भी जीता।

जो बात आंकड़े कभी बयान नहीं कर पाएंगे, और जो बात यह मैच टीवी पर, मैदान में या सिनेमाघर के बड़े पर्दे पर देख रहे दर्शकों ने महसूस की, और जो बात टीवी पर कमंटरी कर रहे पूर्व महान खिलाड़ी सुनील गावस्कर और रॉबिन जैकमैन लगातार कह रहे थे, वह थी- सौरव गांगुली की अद्भुत कप्तानी।

आईपीएल-2 में गांगुली से कप्तानी छीन कर ब्रैण्डन मैक्क्लम को सौंपी गई कप्तानी, तानाशाह कोच जॉन बुकानन के ऊट-पटांग फॉर्मूले और टीम के मालिक शाहरुख खान का उन पर अंधविश्वास- इन सब ने मिल कर न सिर्फ कोलकाता की टीम को सबसे पिछड़ी टीम बना दिया, उसके खिलाड़ियों की एकता तार-तार कर दी और कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम सबके उपहास का पात्र बन गई। कोलकाता की टीम मैदान पर उतरती तो उसके बल्लेबाजों की असफलता, गेंदबाजों की पिटाई और क्षेत्ररक्षकों के अनाड़ीपन पर दर्शक ठहाके लगाने लगते।

टूर्नामेंट खत्म हुआ, कोलकाता की टीम सबसे निचले पायदान पर थी और उसके खिल्ली सारी दुनिया में उड़ रही थी। तब जा कर शाहरुख खान को होश आया। उस चिंदी- चिंदी हुई टीम की कप्तानी उन्होंने फिर सौरव गांगुली को सौंपी जो इस सारे ड्रामे और अपमान से बेहद मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।

यानी मामला ऎसा था कि लो, मैंने तो खिचड़ी जला दी, अब तुम इसे सुधारो और स्वादिष्ट पुलाव बना कर दिखाओ।

यह असंभव काम भी सौरव गांगुली ने अपनी उसी अद्भुत कप्तानी से कर दिखाया जिसके बल पर वे भारतीय क्रिकेट टीम को विजय दिलाते रहे हैं।

अब तक आईपीएल-3 के खेले गए मैचों में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम पांचवे स्थान पर है और सेमीफाइनल में पहुंचने के लक्ष्य पर आंखे लगाए है। डेक्कन चार्जर्स पिछले आईपीएल के विजेता हैं और इस बार उन्हें कोलकाता की टीम दो मुकाबलों में हरा चुकी है। कोलकाता की टीम मैदान में एक-दूसरे की पीठ थपथपाती और हंसती- मुस्कराती नजर आ रही है।

टीम का यह कायाकल्प करने में सौरव गांगुली को जितने मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा उसकी शायद और कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। न सिर्फ उनकी टीम के प्रतिष्ठा दांव पर थी, बल्कि उनकी अपनी बल्लेबाजी की भी कठोर आलोचना की जा रही थी। इससे पहले के मैच में जब सौरव मैदान पर उतरे थे तो उनकी आंखों के नीचे काले घेरे नजर आ रहे थे और उनकी चाल-ढाल से उनका तनाव साफ झलक रहा था। जगजाहिर था कि अगर इस बार सौरव असफल हुए तो क्रिकेट का यह एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय मंच भी उनसे छिन जाएगा।

कल के मैच के दौरान भी, आरंभिक ओवरों में टीवी स्क्रीन पर लगातार ये आंकड़े दिखाए जा रहे थे कि कैसे बल्लेबाजी में सौरव आईपीएल के “बदतरीन” बल्लेबाज रहे हैं।

जैसे –जैसे सौरव के छक्के ईडन गार्डेंस की छतों पर गिरने लगे, वैसे –वैसे ये आंकड़े भी स्क्रीन से गायब होने लगे।

जब डेक्कन चार्जर्स की बल्लेबाजी की पारी आई तब सौरव गांगुली ने बतौर कप्तान ऎसी- ऎसी तिकड़में लगाईं, अपनी टीम के नवोदित और वरिष्ठ खिलाडियों को इस तरह एकजुट कर उनसे बेहतरीन प्रदर्शन करवाया कि डेक्कन चार्जर्स का सायमण्ड्स जैस धाकड़ बल्लेबाज भी रन नहीं बना पाया और सुनील गावस्कर और रॉबिन जैकमैन जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी सौरव की कप्तानी पर वाह- वाह कर उठे।

ईडन गार्ड्ंस की पिच कैसा खेलेगी, हवा का रुख किस तरफ है और उसके मुताबिक किस गेंदबाज को किस छोर से गेंदबाजी कराई जाए, कब गेंदबाजी में कैसा परिवर्तन किया जाए, किस प्रतिद्वंदी बल्लेबाज की क्या कमजोरी है, किस प्रतिद्वंदी गेंदबाज की क्या कमजोरी है- सौरव गांगुली मैच में हर क्षण इन्हीं रणनीतियों में व्यस्त रहे और उनका एक भी दांव गलत नहीं हुआ।

यह एक ऎसा मैच था जिसमें सौरव गांगुली ने दिखाया कि क्रिकेट सिर्फ भुजाओं की ताकत से नहीं जीता जाता, बल्कि विजेता वही होता है जो दिमागी खेल से मैदान में प्रतिद्वंदी को शिकस्त दे।

क्रिकेट के चाणक्य की उपाधि दी जा सकती है सौरव गांगुली को।

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आईपीएल: शाहरुख की बॉलीवुडिया मानसिकता

April 19th, 2009 by Administrator | No Comments | Filed in विवाद

बॉलीवुड में तब तक दुनिया आपकी दोस्त होती है जब तक शुक्रवार को आपकी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चलती है। जिस शुक्रवार को आपकी फिल्म पिटी, उस शुक्रवार की शाम तक आप अगली कई फिल्मों से बाहर हो जाते हैं, आपके “जानी दोस्त” आपका फोन नहीं उठाते और पार्टियों में आपसे आंखें चुराने लगते हैं। कुल जमा मतलब यह, कि मतलब की इस फिल्मी दुनिया में सिर्फ चढ़ते सूरज से दोस्ती निभाई जाती है। सितारा जरा गर्दिश में आया नहीं कि लोगों की आंखें बदल जाती हैं।

शाहरुख खान यही फिल्मी मानसिकता आईपीएल की अपनी टीम “कोलकाता नाइट राइडर्स” के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के साथ दिखा रहे हैं। 2007- 2008 में गांगुली का चमकदार दौर चल रहा था। सो शाहरुख ने उनका फायदा उठाया, खूब मीठी- मीठी बातें कीं, उन्हें अपनी टीम का कप्तान बनाया और हर मामले में सलाह- मशविरे के लिए गांगुली को आमंत्रित किया। फिर पिछले साल क्रिकेट की राजनीति के कारण सौरव गांगुली को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा।

और उसके साथ ही शाहरुख की भी नजरें बदल गईं। ऎसी बदलीं कि अपनी टीम का कप्तान बदल दिया और गांगुली को इसकी जानकारी तक देना जरूरी नहीं समझा।

जिस क्रिकेट कप्तान के अनुभव से फायदा उठा कर एक से एक बढ़िया खिलाड़ियों की टीम बना पाए शाहरुख, उसी को बेइज्जत कर कप्तानी से हटा दिया। यही नहीं, बातें यहां तक हो रही हैं कि शाहरुख अब गांगुली को टीम से भी हटाना चाहते हैं। “मतलब निकल गया है तो पहचानते नहीं”—बॉलीवुड की किसी फिल्म का यह गाना शाहरुख खान पर खूब खरा उतरता है।

लेकिन शाहरुख खान यह भूल गए हैं कि भारतीय जनता, फिल्म इंडस्ट्री के उसूलों पर नहीं चलती है। भारत के क्रिकेट प्रेमियों के लिए पैसा नहीं उनके प्यारे खिलाड़ी भगवान होते हैं। और अपने आदर्श खिलाड़ियों का अपमान वे चुप रह कर देख सकते हैं, लेकिन अपमान करने वाले को कभी माफ नहीं कर सकते।

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सौरव गांगुली बंगाल टीम के कप्तान बनेंगे?

September 10th, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in चर्चित चेहरे

कोलकाता से प्रकाशित होने वाले अखबार “ द टेलीग्राफ” ने खबर दी है कि पश्चिम बंगाल क्रिकेट संघ अब सौरव गांगुली को रणजी टीम की कप्तानी देने जा रहा है।

अखबार के मुताबिक, “कैब” ( क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बेंगाल) सौरव गांगुली को रणजी ट्रॉफी में बंगाल की टीम का कप्तान बनने का न्योता देगा।

सौरव इसे स्वीकार करेंगे या नहीं, यह भविष्य बताएगा।

उधर “टाइम्स ऑफ इंडिया” में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक सौरव के पास क्रिकेट के अलावा भी एक नए करियर का रास्ता है जो वे शायद अपना भी लें। गांगुली के पास इन दिनों कई टीवी चैनलों के प्रस्ताव हैं कि वे उनके कुछ कार्यक्रम “होस्ट’ करें। सौरव की विज्ञापन जगत में भी खासी मांग है और उनके लिखे हुए स्तंभ संचार माध्यमों में सबसे ऊंची कीमत पाते हैं।

देश ही क्यों, अब तो विदेशी कंपनियां भी सौरव को अपने विज्ञापनों में इस्तेमाल के लिए ललचाने लगी हैं। उदाहरण है ब्रिटेन की कंपनी “वाइके” जिसने सौरव को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाया है और उसके प्रचार में गांगुली का पहला इंटरव्यू ही मीडिया मे छा गया।
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मेरा रिटायरमेंट? भूल जाओ- सौरव गांगुली बोले

September 9th, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in चर्चित चेहरे

ऎसा भाव सिर्फ “दादा” दिखा सकते हैं।

भारतीय चयनकर्ताओं द्वारा ईरानी ट्रॉफी की टीम में नहीं लिए जाने के बाद भी सौरव गांगुली क्रिकेट से रिटायर होने के मूड में नजर नहीं आते। लंदन के एक अखबार “ द सन” को दिए एक इंटरव्यू में गांगुली ने कहा कि अभी तो वे दो साल और क्रिकेट खेल सकते हैं।

सौरव गांगुली का यह इंटरव्यू आज ही छपा है। जब “सन” के पत्रकार ने उनसे पहला सवाल यह पूछा कि अब खेल जीवन के खात्मे पर आकर क्या उन्हें क्रिकेट से दूर जाना अखर रहा है, तो गांगुली ने छूटते ही कहा, “ अरे, अभी तो मैं दो साल और क्रिकेट खेल सकता हूं!”

सौरव ने इस इंटरव्यू में बहुत सी बाते कहीं, मसलन:

“आईपीएल एक मूवी शो की तरह है क्योंकि उसमें बड़े- बड़े (क्रिकेट) स्टार होते हैं और टीम के मालिक भी फिल्म सितारे होते हैं।”

” 2011 के विश्व कप के लिए नए खिलाड़ियों के लिए सीनियर खिलाड़ियों को जगह बना देनी चाहिए।“

” टेस्ट और 20-20 से मैं एक साथ संन्यास लूंगा”।

यहां पढ़िए सौरव गांगुली का पूरा इंटरव्यू:

वैसे बता दें कि सौरव गांगुली को ब्रिटिश कंपनी “वाइके” ने अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाया है और उसी सिलसिले में वे लंदन में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

यह कंपनी इंटरनेट टेलीफोन सुविधा उपलब्ध कराती है। लगता है “दादा” के जरिए वे अप्रवासी भारतीय ग्राहकों को आकृष्ट करना चाहते हैं।

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सौरव गांगुली को ईरानी ट्रॉफी टीम से बाहर किया गया

September 8th, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in विवाद

शायद भारत में क्रिकेट बोर्ड के अन्याय की इससे बड़ी मिसाल नहीं हो सकती।

सौरव गांगुली को ईरानी ट्रॉफी में खेलने के लिए शेष भारत की टीम में शामिल नहीं किया गया है।

पिछले वर्ष के “सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर” का खिताब जीतने वाले इस खिलाड़ी को पहले श्रीलंका के खिलाफ एक दिवसीय श्रृंखला से बाहर किया गया, और अब ईरानी ट्रॉफी में भी नहीं खेलने दिया जा रहा है।

इसके बाद उन्हें भारतीय टीम से बाहर करना आसान हो जाएगा, यह कह कर कि दूसरे खिलाड़ी उनसे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्रिकेट में अन्याय की इससे बड़ी मिसाल पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिलेगी।

काश, भारतीय क्रिकेट प्रेमी इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते, कुछ करते लेकिन क्रिकेट बोर्ड को इस तरह मनमानी नहीं करने देते।

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आ गए शोएब अख्तर वापस

August 13th, 2008 by Administrator | No Comments | Filed in क्रिकेट

तो पाकिस्तानी क्रिकेट के “बिगड़ैल बेटे” शोएब अख्तर की टीम में वापसी हो ही गई।

सितंबर में पाकिस्तान में होने वाली “आई सी सी चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए शोएब को टीम में शामिल किया गया है।

इस वापसी के पीछे अपने साथी खिलाड़ी आसिफ मोहम्मद से मारपीट और फिर निलंबन का लंबा इतिहास छिपा है। उसके ऊपर ड्रग्स लेने के आरोपों की छौंक भी लगी है।

उसके ऊपर ड्रग्स लेने के आरोपों की छौंक भी लगी है।

शोएब ने अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच आईपीएल में खेला था, शाहरुख खान की मिल्कियत और सौरव गांगुली की कप्तानी वाली कोलकाता की “नाइट राइडर्स” टीम की तरफ से। शायद आपको याद हो कि शोएब ने आईपीएल के अपने पहले ही मैच में जबरदस्त गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट लिए थे और मैन ऑफ दि मैच बने थे।

उसके ठीक बाद पाकिस्तान के एक अखबार ने खबर छाप दी थी कि भारत जाते समय इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर शोएब के सामान की तलाशी में 36 सीरिंज बरामद हुई थीं जिनके लिए शोएब ने तर्क दिया था कि उन्हें डायबिटीज् है और उसकी दवा लेने के लिए वे ये सीरिंज लिए जा रहे हैं। क्रिकेट के आकाओं ने बात दबा दी लेकिन अगले ही मैच से शोएब चोट का बहाना लेकर अलग हो गए थे।

अब उसके बाद वे मैदान में उतरेंगे चैम्पियंस ट्रॉफी में।

देखें, इस बार शोएब कौन सा विवाद खड़ा करते हैं।

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क्रिकेट के दीवानों का स्वागत है!

August 2nd, 2008 by Administrator | 1 Comment | Filed in क्रिकेट

भारत और श्रीलंका के बीच गाले में दूसरा टेस्ट चल रहा है। पहली पारी में भारत ने 37 रनों की बढ़त ले ली है और दूसरी पारी में 4 विकेट पर 200 रन बना लिए हैं। “दादा” सौरव गांगुली और लक्ष्मण क्रीज पर टिके हैं। कल होगा चौथे दिन का खेल। क्या भारत जीत पाएगा?

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